ग्लास्गो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत ने भारोत्तोलन में शानदार शुरुआत करते हुए अपना दूसरा पदक जीत लिया। पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि वह स्वर्ण पदक से केवल 9 किलो पीछे रह गए।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती दिनों में भारतीय दल को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। अब चौथे दिन मिले इस पदक ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह बढ़ा दिया है।
स्नैच में दिखाई जबरदस्त ताकत
प्रतियोगिता के पहले चरण यानी स्नैच में ऋषिकांता सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 116 किलोग्राम, दूसरे प्रयास में 119 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 121 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया।
दिलचस्प बात यह रही कि मलेशिया के स्टार भारोत्तोलक मोहम्मद अनिक ने भी ठीक उतना ही वजन उठाया। दोनों खिलाड़ी स्नैच राउंड के बाद बराबरी पर थे और मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया।
क्लीन एंड जर्क में बदली तस्वीर
दूसरे चरण यानी क्लीन एंड जर्क में ऋषिकांता ने पहले प्रयास में 143 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद उन्होंने क्रमशः 148 किलोग्राम और 151 किलोग्राम उठाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों प्रयास सफल नहीं हो सके।
इस तरह उनका कुल वजन 264 किलोग्राम रहा।
वहीं मलेशिया के मोहम्मद अनिक ने क्लीन एंड जर्क में 152 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। स्नैच के 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क के 152 किलोग्राम मिलाकर उन्होंने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
अनिक ने इस प्रदर्शन के साथ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

भारत को मिला दूसरा पदक
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का यह दूसरा पदक है।
इससे पहले भारत के लिए पहला पदक झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीतकर देश का खाता खोला था। अब ऋषिकांता सिंह के रजत पदक ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया है।
अब मीराबाई चानू पर टिकी निगाहें
भारतीय खेल प्रेमियों की सबसे बड़ी उम्मीद अब मीराबाई चानू हैं। महिला 48 किलोग्राम भार वर्ग में उतरने वाली मीराबाई लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगी।
उन्होंने इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। ग्लास्गो में भी उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।
बॉक्सिंग में भारत-पाकिस्तान मुकाबला आकर्षण का केंद्र
चौथे दिन बॉक्सिंग मुकाबले भी काफी रोमांचक रहने वाले हैं।
भारतीय मुक्केबाज जादूमणि सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के सुमामा रहमान से होगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर खेल प्रेमियों की खास नजर रहेगी।
वहीं महिला वर्ग में प्रीति पवार भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। इसके अलावा आदित्य प्रताप यादव भी पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग में चुनौती पेश करेंगे।
तैराकी और जिम्नास्टिक्स में भी उम्मीदें
भारतीय तैराकी टीम भी पुरुष 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भाग ले रही है। यदि टीम फाइनल के लिए क्वालिफाई करती है तो देर रात भारत के पास एक और पदक जीतने का अवसर होगा।
जिम्नास्टिक्स में तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह भी ऑल-अराउंड फाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
भारत की पदक उम्मीदें बरकरार
भारोत्तोलन, बॉक्सिंग, तैराकी और जिम्नास्टिक्स में भारत के कई खिलाड़ी आज एक्शन में हैं। ऐसे में चौथे दिन भारत के पदकों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है।
विशेष रूप से मीराबाई चानू, राजा मथुपंडी और भारतीय बॉक्सरों से देश को बड़ी उम्मीदें हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन ऋषिकांता सिंह ने रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया है। हालांकि स्वर्ण उनसे केवल 9 किलोग्राम दूर रहा, लेकिन उनका प्रदर्शन शानदार रहा। अब पूरे देश की निगाहें मीराबाई चानू और अन्य भारतीय खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जो भारत की पदक संख्या बढ़ाने के लिए मैदान में उतरेंगे।

