अदीला हत्याकांड: अजमेर में निकाह, नोएडा में साथ रहे, प्रेमी को गिफ्ट की THAR… फिर कनपटी पर गोली मारकर पूरी रात शव के साथ घूमता रहा आरोपी
उत्तर प्रदेश: के मुरादाबाद में चर्चित अदीला रहमान हत्याकांड ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कारोबारी की बेटी अदीला रहमान की गुमशुदगी का मामला अब सुनियोजित हत्या में बदल चुका है। पुलिस पूछताछ में आरोपी गुलफाम अली ने जो कहानी बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया।
कोर्ट ने आरोपी गुलफाम को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है। हालांकि पुलिस ने सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन फिलहाल एक दिन की कस्टडी मिली है। इस दौरान पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार, कार और अन्य अहम सबूत जुटाने का प्रयास करेगी।
गुमशुदगी से हत्या तक की पूरी कहानी
कटघर थाना क्षेत्र के कोहिनूर तिराहा निवासी निर्यातक अदिवउर रहमान की बेटी अदीला रहमान हैदराबाद में रहकर एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी। परिवार के अनुसार वह परीक्षा देने के लिए निकली थी, लेकिन 29 जून के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
तकनीकी जांच में पता चला कि वह प्रयागराज से फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंची थी। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। परेशान परिवार ने 17 जुलाई को कटघर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
परिजनों ने पुलिस को घर से मिला एक निकाहनामा भी सौंपा, जिसमें दूल्हे के रूप में गुलफाम अली का नाम दर्ज था। यहीं से जांच की दिशा बदल गई।
अजमेर में गुपचुप निकाह, नोएडा में साथ रहने लगे
पुलिस पूछताछ में गुलफाम ने बताया कि उसने अदीला से अजमेर में निकाह किया था। दोनों ने परिवार से यह रिश्ता छिपाया और बाद में नोएडा में किराये के फ्लैट में रहने लगे।
जांच में सामने आया कि अदीला आर्थिक रूप से भी गुलफाम की मदद करती थी। उसने उसे एक महंगी THAR एसयूवी भी उपहार में दी थी। इसके बावजूद दोनों के बीच परिवार और रिश्ते को सार्वजनिक करने को लेकर लगातार विवाद होता रहता था।
कार में हुआ झगड़ा और फिर हत्या
आरोपी के अनुसार 29 जून को अदीला मुरादाबाद लौट रही थी। रास्ते में गुलफाम उसे लेने पहुंचा। दोनों कार में बैठे और बातचीत के दौरान फिर विवाद शुरू हो गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर स्थित पुराने टोल प्लाजा के पास कार रोककर अदीला की कनपटी पर तमंचे से गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर मौत हो गई।

पूरी रात शव लेकर घूमता रहा आरोपी
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कार में ही रखा और पूरी रात इधर-उधर घूमता रहा ताकि किसी को शक न हो। बाद में वह रुड़की पहुंचा और वहां एक नहर में शव फेंक दिया।
4 जुलाई को नहर से एक अज्ञात युवती का शव मिला था। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार अंतिम संस्कार करा दिया। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि वह शव अदीला का ही था।
हत्या के बाद रची बचने की साजिश
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद गुलफाम सीधे रामपुर पहुंचा और एक पुराने हत्या के प्रयास के मामले में अदालत में सरेंडर कर जेल चला गया। उसका मकसद पुलिस जांच से बचना था।
जब मुरादाबाद पुलिस ने जेल जाकर पूछताछ की तो उसने हत्या की पूरी कहानी स्वीकार कर ली।
अब पुलिस किन पहलुओं की जांच करेगी?
24 घंटे की पुलिस कस्टडी के दौरान पुलिस निम्न बिंदुओं पर जांच करेगी—
- हत्या में इस्तेमाल तमंचे की बरामदगी।
- वारदात में प्रयुक्त कार की बरामदगी।
- आरोपी के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच।
- दूसरे आरोपी कुरबान अली की भूमिका।
- हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता।
- घटनास्थल और शव फेंकने वाले स्थान का पुनर्निर्माण।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयान का प्रत्येक तथ्य वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सत्यापित किया जाएगा।
परिवार को इंसाफ का इंतजार
अदीला रहमान के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी के साथ विश्वासघात हुआ। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर जल्द ही अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अदीला हत्याकांड केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि विश्वास, रिश्तों और सुनियोजित अपराध की भयावह कहानी बनकर सामने आया है। पुलिस रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से हत्या के पीछे की पूरी साजिश, संभावित सहयोगियों की भूमिका और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

