उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह हादसा अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर स्थित महेशपुर बाईपास के पास रात करीब 2 बजे हुआ। सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े युवक को एक समाजसेवी ने देखा और तत्काल पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। घायल को इलाज के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि युवक शराब के नशे में बाइक चला रहा था, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह दुर्घटना का शिकार हो गया। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी।
समाजसेवी की सतर्कता से मिली तत्काल मदद
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, देर रात महेशपुर बाईपास से गुजर रहे समाजसेवी रितेश मिश्रा की नजर सड़क किनारे पड़े घायल युवक पर पड़ी। उन्होंने बिना देरी किए अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत नवाबगंज पुलिस तथा 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी।
कुछ ही देर में पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घायल युवक को प्राथमिक सहायता देते हुए अयोध्या मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसा इतना भीषण कि दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना बेहद गंभीर थी। युवक का दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। शरीर से अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बाइक का संतुलन बिगड़ने के बाद युवक सड़क पर गिर पड़ा और हादसा इतना गंभीर हुआ कि उसे जानलेवा चोटें आईं। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी अन्य वाहन की टक्कर तो दुर्घटना का कारण नहीं बनी।
शराब के नशे में होने की आशंका
जांच कर रही पुलिस टीम का कहना है कि शुरुआती परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि युवक शराब के नशे में हो सकता है। इसी वजह से वह बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सका और हादसे का शिकार हुआ।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
अब तक नहीं हो सकी मृतक की पहचान
हादसे के कई घंटे बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के गांवों, थानों और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है।
शव को फिलहाल अयोध्या मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सच्चाई जानने और युवक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस तरह हुआ और दुर्घटना से पहले युवक किस दिशा से आ रहा था।
यदि किसी अन्य वाहन की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहचान के बाद होगा पोस्टमार्टम
नवाबगंज थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान कराने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शिनाख्त होने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिजनों को सूचना दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी से वाहन चलाने की आवश्यकता की याद दिलाता है। यदि कोई चालक नशे की हालत में वाहन चलाता है तो न केवल उसकी अपनी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखना, हेलमेट पहनना और किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह बचना सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

