भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन बुधवार को उस समय उग्र हो गया जब प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए लगातार तीन बैरिकेडिंग तोड़ते हुए मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) की ओर बढ़ने की कोशिश की। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जबकि ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से निर्णय नहीं ले रही है। इसी कारण आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया। दूसरी ओर प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास करता रहा।
तीन बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान
दोपहर बाद आंदोलन ने अचानक उग्र रूप ले लिया। बड़ी संख्या में किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और कई स्थानों पर उन्हें हटाकर आगे बढ़ने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसानों ने तीन सुरक्षा बैरिकेडिंग पार कर लीं और मुख्यमंत्री आवास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया।
कुछ किसान बसों की छतों पर चढ़कर “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाते दिखाई दिए, जबकि कई प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, हालात पर नजर
किसानों के आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते रहे।
पुलिस ने बसों पर चढ़े किसानों को नीचे उतारने की भी कोशिश की। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई गई।

शाम पांच बजे तक सरकार को दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार को उनकी मांगों पर निर्णय लेने के लिए शाम पांच बजे तक का समय दिया। किसानों का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन तैनात किए जाने का भी किसानों ने विरोध किया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वॉटर कैनन को पीछे कर दिया गया, जिससे स्थिति और अधिक न बिगड़े।
शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ करेंगे संबोधित
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने शाम छह बजे आंदोलन को लेकर विस्तृत बयान देने की घोषणा की है। किसान संगठनों का कहना है कि आगे की रणनीति उनके संबोधन के बाद तय की जाएगी।
आंदोलन में विभिन्न किसान संगठनों के अलावा कई सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी देखने को मिली।
करणी सेना और अन्य संगठनों ने पहुंचाई मदद
प्रदर्शन के दौरान कई सामाजिक संगठनों ने किसानों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। करणी सेना के कार्यकर्ता खाने के पैकेट लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे, जबकि अन्य संगठनों ने केले और पानी की बोतलें वितरित कीं।
कई किसान सिर पर पत्तों से बनी टोपी पहनकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में पोस्टर लेकर कृषि, समर्थन मूल्य और अन्य मांगों से जुड़े संदेश भी प्रदर्शित किए।
भोपाल में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
आंदोलन को देखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया। मंडीदीप, मिसरोद, कोलार, एमपी नगर, नर्मदापुरम और अन्य प्रमुख मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। किसी भी प्रकार की समस्या के लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए।
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
आंदोलन कर रहे किसान विभिन्न कृषि और आर्थिक मुद्दों को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, प्रशासन लगातार किसान नेताओं से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर सरकार और किसान संगठनों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी है। यदि शाम तक कोई सहमति नहीं बनती है, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

