UP में अब 30 मिनट में मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र! योगी सरकार का बड़ा ऐलान, खत्म होंगे दफ्तरों के चक्कर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब सरकारी कामों के लिए लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए राज्य के सभी नगर निगमों में “वन डे गवर्नेंस सेंटर” शुरू करने का ऐलान किया है। इस नई व्यवस्था के तहत जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, घर-जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज जैसे कई जरूरी काम एक ही दिन में पूरे किए जाएंगे।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लखनऊ में पहला वन डे गवर्नेंस सेंटर तैयार हो चुका है, जबकि प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी तेजी से तैयारियां चल रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह सुविधा पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जाए।

क्या है वन डे गवर्नेंस सेंटर?

वन डे गवर्नेंस सेंटर एक ऐसी आधुनिक व्यवस्था है, जहां नागरिकों के जरूरी सरकारी कामों का निपटारा एक ही दिन में किया जाएगा। अब लोगों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सरकार का दावा है कि कई सेवाएं केवल 30 मिनट से लेकर कुछ घंटों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से:

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • मृत्यु प्रमाण पत्र
  • संपत्ति से जुड़े दाखिल-खारिज कार्य
  • नगर निगम से जुड़ी नागरिक सेवाएं
  • दस्तावेज सत्यापन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

गुजरात मॉडल पर आधारित है योजना

कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात शासनकाल से प्रेरित है। गुजरात में शुरू हुई “वन डे गवर्नेंस” व्यवस्था को अब उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा,
“हम चाहते हैं कि किसी भी नागरिक को अपने काम के लिए दो दिन, चार दिन या महीनों तक परेशान न होना पड़े। अगर कोई व्यक्ति सेंटर पर आएगा तो उसे उसी दिन सेवा मिलेगी।”

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। ऑनलाइन सिस्टम और आधुनिक तकनीक के जरिए फाइलों की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास सुविधा

वन डे गवर्नेंस सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। ए.के. शर्मा ने बताया कि लखनऊ में बने सेंटर में बुजुर्गों के बैठने के लिए आरामदायक व्यवस्था की गई है।

सेंटर पर आने वाले लोगों के लिए:

  • एयर कंडीशन वेटिंग एरिया
  • बैठने की सुविधा
  • पीने के पानी और चाय की व्यवस्था
  • हेल्प डेस्क और डिजिटल सहायता

जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकार का कहना है कि जो लोग ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उनके लिए यह सेंटर बेहद मददगार साबित होंगे।

नगर निगम सेवाओं में आएगी तेजी

अभी तक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में कई बार लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। दस्तावेजों की जांच, फाइलों की प्रक्रिया और अधिकारियों की मंजूरी में कई दिन लग जाते थे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगमों में कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा। इससे लंबित मामलों में कमी आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल सही तरीके से लागू हुआ तो यूपी में ई-गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी मिशन को भी मजबूती मिलेगी।

पूरे यूपी में लागू करने की तैयारी

सरकार फिलहाल लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य नगर निगमों और बड़े शहरों में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में इस सेंटर को अन्य सरकारी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है, ताकि नागरिकों को एक ही जगह पर अधिकतम सुविधाएं मिल सकें।

जनता को क्या होगा फायदा?

वन डे गवर्नेंस सेंटर शुरू होने से:

  • सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम होंगे
  • समय और पैसे की बचत होगी
  • दस्तावेज जल्दी मिलेंगे
  • भ्रष्टाचार और देरी में कमी आएगी
  • बुजुर्गों और ग्रामीण लोगों को राहत मिलेगी

सरकार इसे “ईज ऑफ लिविंग” और “स्मार्ट गवर्नेंस” की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

योगी सरकार का “वन डे गवर्नेंस सेंटर” मॉडल उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं को तेज और आसान बनाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज अब एक ही दिन में मिलने से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अगर यह योजना सफल रही, तो यूपी में प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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