बिहार में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और बिजली ने ली 8 लोगों की जान
बिहार: में मौसम ने अचानक ऐसा खतरनाक रूप ले लिया कि कई जिलों में तबाही जैसे हालात बन गए। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम 8 लोगों की जान ले ली। सबसे दर्दनाक घटनाएं उन परिवारों के साथ हुईं, जहां लोग रात में घर के अंदर सो रहे थे और अचानक पेड़ या बिजली के पोल उनके ऊपर गिर पड़े।
मौसम विभाग ने बुधवार को बिहार के 24 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
सोते वक्त मौत बनकर टूटे पेड़ और पोल
मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के खरार गांव में देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। तेज आंधी के कारण एक विशाल ताड़ का पेड़ घर पर गिर गया। उस समय घर में भाई-बहन सो रहे थे। हादसे में 10 वर्षीय आदित्य राज और 8 वर्षीय स्मृति कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए।
भागलपुर में भी तेज आंधी के कारण बिजली का पोल घर पर गिर पड़ा। बरामदे में सो रही 40 वर्षीय रंजू देवी पोल के नीचे दब गईं। कई घंटे बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि उनके सात बच्चे हैं।
खगड़िया में बिजली गिरने से किसानों की मौत
खगड़िया जिले के मथार दियारा गांव में दो किसान खेत की रखवाली कर रहे थे। अचानक मौसम खराब हुआ तो दोनों पास की झोपड़ी में छिप गए। इसी दौरान झोपड़ी पर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में 63 वर्षीय गोरख यादव और 60 वर्षीय सापो यादव की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों किसान रोज की तरह परवल की फसल की निगरानी के लिए खेत गए थे, लेकिन मौसम ने उनकी जिंदगी छीन ली।
मुंगेर और मोतिहारी में भी हादसे
मुंगेर जिले में तेज तूफान के कारण एक कच्चा घर गिर गया। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मोतिहारी के सुगौली इलाके में भी झोपड़ी गिरने से एक युवक की जान चली गई।
बगहा में तेज हवा के कारण पेड़ और पोल गिरने की घटनाएं सामने आईं। यहां भी एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है।
24 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पटना समेत बिहार के 24 जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
नौतपा के बीच बदला मौसम
जहां एक तरफ नौतपा के कारण गर्मी चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ अचानक मौसम बदलने से लोगों को राहत और परेशानी दोनों का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक गिरा है, लेकिन उमस अब भी बनी हुई है।
जहानाबाद जिले में गर्मी और मौसम को देखते हुए 5वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ऊंची कक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है।
अगले 5 दिन भारी पड़ सकते हैं
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 से 5 दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। रुक-रुक कर बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण इस तरह की चरम मौसम घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित आश्रय और बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है।
बिहार में मौसम का यह बदला हुआ रूप कई परिवारों के लिए भारी साबित हुआ। आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत है।