पंजाब के 65 लाख परिवारों को बड़ा तोहफा! अब 17 नए इलाज मुफ्त, अकेले रहने वालों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत 17 नई मेडिकल प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, जिससे लाखों परिवारों को घर के नजदीक बेहतर और कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। पहले योजना का लाभ मुख्य रूप से परिवार आधारित पात्रता के आधार पर दिया जाता था, लेकिन अब एकल व्यक्ति भी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के और करीब पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नई प्रक्रियाओं को शामिल करने से सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

65 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वर्तमान में लगभग 65 लाख परिवार कवर किए जा चुके हैं। राज्यभर में 824 अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं।

इन अस्पतालों में पहले से करीब 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं का इलाज उपलब्ध था। अब 17 नई प्रक्रियाओं को जोड़ने से योजना की उपयोगिता और बढ़ गई है।

किन-किन इलाजों को किया गया शामिल?

नई सूची में कान, नाक और गला (ENT) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। इनमें नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसी सर्जरी शामिल हैं। ये प्रक्रियाएं खासकर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

जनरल सर्जरी के क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार किया गया है। अब हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का उपचार, एपेंडिक्स सर्जरी तथा ओपन और लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी जैसी सेवाएं भी योजना के अंतर्गत उपलब्ध होंगी।

महिला स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता

पंजाब सरकार ने महिला स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष महत्व देते हुए कई संवेदनशील और जरूरी प्रक्रियाओं को भी योजना में शामिल किया है।

इनमें 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात से संबंधित चिकित्सा प्रक्रियाएं, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती तथा यौन शोषण पीड़िताओं और विशेष परिस्थितियों वाली महिलाओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच जैसी सेवाएं शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इन सेवाओं से महिलाओं और कमजोर वर्गों को समय पर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

आंखों और हड्डियों के मरीजों को भी राहत

नेत्र रोग विभाग में अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी प्रक्रियाएं भी शामिल कर दी गई हैं। इससे आंखों से जुड़ी समस्याओं का इलाज अधिक सुलभ होगा।

वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के उपचार और टखने के फ्रैक्चर की सर्जरी जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रक्रियाओं को निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराने से मरीजों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना नहीं करना पड़ेगा।

2 हजार से 27,800 रुपये तक तय पैकेज

सरकार ने नई प्रक्रियाओं के लिए पैकेज रेट भी निर्धारित कर दिए हैं। इनका मूल्य 2,000 रुपये से लेकर 27,800 रुपये तक रखा गया है।

इससे मरीजों को इलाज के दौरान अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी रहेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा नया बल

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रीकृत करना है ताकि लोगों को बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर न रहना पड़े।

नई व्यवस्था से जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी, बड़े अस्पतालों पर भीड़ कम होगी और मरीजों को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना में यह विस्तार पंजाब की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा लाखों लोगों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगा।

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