मुंबई। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और उनकी यादें आज भी कायम हैं। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जहां फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग उन्हें याद कर रहे हैं, वहीं फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा का एक बयान चर्चा में आ गया है। श्रीदेवी को लेकर सवाल पूछे जाने पर राम गोपाल वर्मा ने ऐसा जवाब दिया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया।
राम गोपाल वर्मा से हाल ही में श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी और उन्हें याद करने को लेकर सवाल किया गया था। उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस खास मौके पर श्रीदेवी की कोई फिल्म देखी या उनके लिए कुछ खास किया। इस पर फिल्ममेकर ने कहा कि वह दिवंगत लोगों के बारे में नहीं सोचते और अपनी जिंदगी पर ध्यान देना पसंद करते हैं।
‘मैं मरे हुए लोगों के बारे में नहीं सोचता’
राम गोपाल वर्मा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति दुनिया से चला जाता है तो वह उनकी जिंदगी से बाहर हो जाता है। उन्होंने कहा कि वह दिवंगत लोगों के बारे में सोचने के बजाय अपनी जिंदगी और वर्तमान पर ध्यान देना पसंद करते हैं।
उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे बेहद बेबाक जवाब बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे श्रीदेवी जैसे बड़े कलाकार के प्रति असंवेदनशील टिप्पणी के तौर पर देखा। हालांकि, राम गोपाल वर्मा ने इसी बातचीत में श्रीदेवी की प्रतिभा की जमकर तारीफ भी की।

श्रीदेवी की बायोग्राफी के लिए लिखा चैप्टर
राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी की बायोग्राफी ‘द इम्प्रेस’ के बारे में भी बात की। इस किताब में फिल्ममेकर ने एक चैप्टर लिखा है। उन्होंने बताया कि उन्हें कहा गया है कि उनका लिखा चैप्टर किताब के सबसे अच्छे हिस्सों में से एक है।
हालांकि, अपने अंदाज में उन्होंने इस बात पर मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि संभव है कि किताब में योगदान देने वाले दूसरे लोगों से भी यही बात कही गई हो।
किताब के शीर्षक पर भी राम गोपाल वर्मा ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले पता नहीं था कि इसका नाम ‘द इम्प्रेस’ रखा गया है। उनके मुताबिक श्रीदेवी इस नाम की हकदार हो सकती हैं, लेकिन वह उन्हें ‘स्क्रीन क्वीन’ कहना ज्यादा पसंद करते।
श्रीदेवी की एक्टिंग आज भी समझ से परे
राम गोपाल वर्मा ने एक तरफ यह कहा कि वह दिवंगत लोगों के बारे में नहीं सोचते, लेकिन दूसरी तरफ श्रीदेवी की अदाकारी की तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनके अभिनय को पूरी तरह समझ नहीं पाते।
उन्होंने खास तौर पर ‘मिस्टर इंडिया’ के उस चर्चित सीन का उदाहरण दिया, जिसमें श्रीदेवी ने कॉमेडी और एक्सप्रेशन के जरिए दर्शकों को खूब प्रभावित किया था। राम गोपाल वर्मा के मुताबिक, उस सीन के पीछे मौजूद कला को समझना आसान नहीं है।
उन्होंने श्रीदेवी को उन अभिनेत्रियों से भी कहीं बेहतर बताया, जिनके साथ उन्होंने काम किया है। इससे साफ है कि निजी तौर पर उनकी सोच भले ही अलग हो, लेकिन एक कलाकार के रूप में राम गोपाल वर्मा श्रीदेवी की प्रतिभा को बेहद ऊंचा दर्जा देते हैं।
इन फिल्मों में यादगार रहा श्रीदेवी का अभिनय
श्रीदेवी ने अपने लंबे फिल्मी करियर में हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया। ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चांदनी’, ‘हिम्मतवाला’ सहित कई फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।
उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, कॉमिक टाइमिंग, भावनात्मक अभिनय और डांसिंग स्किल्स ने उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शामिल किया।
2018 में हुआ था निधन
श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को दुबई में हुआ था। उस समय उनकी उम्र 54 वर्ष थी। उनके निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया था।
आज भी उनकी फिल्में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखी जाती हैं और उनकी अदाकारी को नई पीढ़ी के दर्शक भी पसंद करते हैं। यही वजह है कि उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उनसे जुड़े किस्से और पुराने बयान एक बार फिर चर्चा में आ जाते हैं।
राम गोपाल वर्मा का ताजा बयान भी इसी वजह से सुर्खियों में है। उनके शब्दों ने जहां बहस को जन्म दिया, वहीं श्रीदेवी की अदाकारी को लेकर उनकी प्रशंसा ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि पर्दे पर उनका प्रभाव कितना खास था।
राम गोपाल वर्मा का श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी पर दिया गया बयान उनके बेबाक अंदाज के कारण चर्चा में आ गया है। हालांकि, इसी बातचीत में उन्होंने श्रीदेवी की अदाकारी की जमकर तारीफ की और माना कि उनके कुछ प्रदर्शन को आज भी पूरी तरह समझ पाना मुश्किल है। यही विरोधाभास इस बयान को सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में ला रहा है।

