नई दिल्ली। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर एशिया पर अपना दबदबा साबित कर दिया है। चीन के मोकी में खेले गए महिला जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस बेहद रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम के लिए सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में एकमात्र गोल किया, जो अंत तक निर्णायक साबित हुआ।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना खिताब बरकरार रखा और जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली। लगातार तीसरी बार एशिया कप जीतना भारतीय जूनियर हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
सानिका का एक गोल और भारत बना चैंपियन
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। चीन ने घरेलू मैदान का फायदा उठाते हुए भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और अनुशासन के साथ मुकाबला खेला।
मुकाबले के 17वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने ने भारत के लिए गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर चुनौती का मजबूती से सामना किया। अंत तक भारत ने अपनी बढ़त बनाए रखी और खिताब पर कब्जा कर लिया।
चीन के दबाव के बावजूद नहीं टूटा भारत का हौसला
फाइनल में चीन के पास गेंद पर अच्छा नियंत्रण रहा और मेजबान टीम ने कई मौकों पर भारतीय डिफेंस को परेशान किया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में अपना संयम नहीं खोया।
गोलकीपर और डिफेंडरों ने महत्वपूर्ण मौकों पर चीन के हमलों को रोककर टीम की बढ़त कायम रखी। यही कारण रहा कि सानिका का शुरुआती गोल पूरे मैच का निर्णायक अंतर बन गया।
भारत की इस जीत में सिर्फ आक्रमण नहीं, बल्कि मजबूत डिफेंस और मैच को नियंत्रित करने की क्षमता भी अहम रही।

लगातार तीसरी बार एशिया कप पर कब्जा
भारत की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने लगातार तीसरे संस्करण में खिताब जीता है। भारत ने इससे पहले 2023 और 2024 में भी महिला जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया था। 2026 में चीन को हराकर टीम ने लगातार तीसरी ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
इस तरह भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने एशिया में अपनी निरंतरता और मजबूती का शानदार उदाहरण पेश किया है।
टूर्नामेंट में भारत का रहा शानदार सफर
फाइनल तक पहुंचने के दौरान भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने पूल चरण में दक्षिण कोरिया को 4-1, मलेशिया को 11-1 और जापान को 7-0 से हराया, जबकि चीन के खिलाफ मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से हराकर तहलका मचा दिया।
सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में सुप्रिया ने शानदार हैट्रिक लगाई थी।
यानी फाइनल तक भारत ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा।
विश्व कप का टिकट भी हुआ पक्का
एशिया कप जीतने का एक और बड़ा फायदा भारतीय टीम को मिला है। इस जीत के साथ भारत ने जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
भारतीय टीम के लिए यह सफलता आने वाले वैश्विक टूर्नामेंट से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। एशिया कप में मजबूत टीमों को हराने और दबाव वाले मुकाबलों में जीत हासिल करने से युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अनुभव मिला है।
हॉकी इंडिया ने खोला इनाम का खजाना
भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए इनाम की घोषणा भी की है। रिपोर्टों के मुताबिक, हर खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
यह सम्मान युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और भारतीय हॉकी में उनके योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सानिका बनीं फाइनल की स्टार
पूरे टूर्नामेंट में भारत के कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में सानिका चंद्रकांत माने का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
17वें मिनट में किया गया उनका गोल सिर्फ स्कोरबोर्ड पर एक अंक नहीं था, बल्कि वही गोल भारत को लगातार तीसरी बार चैंपियन बनाने वाला निर्णायक पल साबित हुआ।
सानिका इससे पहले भी टूर्नामेंट में गोल कर चुकी थीं और पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में भी उन्होंने दो गोल दागे थे।

