कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद जिले के दौरे के दौरान घोषणा की कि राज्य में हाल ही में विधानसभा से पारित नया गुंडादमन कानून 13 जुलाई से लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब कानून हाथ में लेने वालों, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री का यह दौरा उनके पद संभालने के बाद मुर्शिदाबाद का पहला आधिकारिक दौरा बताया जा रहा है। बहरामपुर स्थित रवीन्द्र सदन में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि रहेगा और अपराधियों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बसों और ट्रेनों में आगजनी, पुलिस पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी घटनाओं को अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई कर दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अतीत की हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान मालदा और मुर्शिदाबाद में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। उनके अनुसार अब राज्य में ऐसी घटनाओं को दोहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने पिछले वर्ष मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज और धुलियान में हुई हिंसा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव पर तत्काल कार्रवाई होगी।
सीमा सुरक्षा और पुलिस समन्वय पर जोर
मुर्शिदाबाद बांग्लादेश सीमा से लगा संवेदनशील जिला माना जाता है। प्रशासनिक बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बढ़ाने, सीमा पर निगरानी मजबूत करने तथा अवैध घुसपैठ रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

जनसभा में भी दिया सख्त संदेश
प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेजीनगर के टाकीपुर हाई मदरसा स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अपराध पर नियंत्रण करना ही नहीं बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है।
राजनीतिक बयान भी चर्चा में
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए नाउदा के विधायक हुमायूं कबीर को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन या पुलिस के खिलाफ किसी को शिकायत है तो वह सीधे सरकार तक अपनी बात पहुंचाए, लेकिन थानों के सामने भीड़ जुटाकर धमकी भरे बयान देना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी प्रकार के दबाव में काम नहीं करेगी और कानून के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।
सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के सत्यापन के दौरान कई फर्जी लाभार्थियों की पहचान हुई है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं में अनियमितताओं की जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि केवल मुर्शिदाबाद जिले में ही 600 से अधिक संदिग्ध फर्जी लाभार्थियों की पहचान की गई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले की जांच
मुख्यमंत्री ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के आरोपों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी बीडीओ, चिकित्सा अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
नदी कटाव रोकने के लिए बड़ा प्रस्ताव
मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में गंगा एवं भागीरथी नदी के कटाव को रोकने के लिए सरकार ने 3,600 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से नदी कटाव से प्रभावित गांवों और किसानों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
अगली बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार प्रशासनिक बैठक में विपक्ष के विधायक और सांसद शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में जिले के सभी 22 विधायकों और चारों सांसदों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो सके।

