डूंगरपुर में तालाब बना काल, नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत
राजस्थान के डूंगरपुर जिले से रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव स्थित वात्रक तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों को ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि मृतकों में एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहन और उनकी फुफेरी बहन शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए बच्चे
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव निवासी बाबूसिंह डामोर के परिवार के बच्चे अपने रिश्तेदारों के साथ वात्रक तालाब में नहाने पहुंचे थे। बच्चों के साथ गुजरात के पालनपुर से छुट्टियां बिताने आई उनकी फुफेरी बहन भी मौजूद थी।
नहाते समय सभी बच्चे अनजाने में तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गए। गहराई अधिक होने के कारण वे एक-एक कर डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने जब बच्चों को संघर्ष करते देखा तो तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, दो बच्चों की बची जान
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग बिना देर किए तालाब में कूद पड़े। काफी प्रयास के बाद राजवीर और जयसिंह नामक दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दोनों बच्चों को तत्काल सीमलवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हालांकि चार अन्य बच्चों को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी मौत हो गई।

एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत
इस हादसे में बाबूसिंह डामोर के परिवार को सबसे बड़ा नुकसान हुआ। मृतकों में उनकी बड़ी बेटी हिना, बेटा प्रतीक और सबसे छोटी बेटी इशिता शामिल हैं। इनके अलावा परिवार की रिश्तेदार रौनक की भी डूबने से मौत हो गई।
परिवार के तीनों बच्चों की एक साथ मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। अब इस परिवार में केवल माता-पिता ही बचे हैं।
हर बच्चे के साथ जुड़े थे बड़े सपने
मृतकों में शामिल बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। वह अपने परिवार का सहारा बनने की दिशा में आगे बढ़ रही थी।
प्रतीक ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा था। वहीं सबसे छोटी बहन इशिता 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी और अपने भविष्य के सपने संजो रही थी।
एक ही हादसे में परिवार के तीनों बच्चों के चले जाने से गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं।
मामा के घर छुट्टियां मनाने आई थी रौनक
इस हादसे की एक और मार्मिक बात यह है कि गुजरात के पालनपुर निवासी रौनक कुछ दिन पहले ही अपने मामा के घर छुट्टियां बिताने आई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही उसके परिजन गुजरात से डूंगरपुर के लिए रवाना हो गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने पर धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से चारों शवों को तालाब से बाहर निकलवाया।
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान तालाब, झील और नदी जैसे जलाशयों में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है। कई बार सतह सामान्य दिखाई देती है, लेकिन भीतर गहराई और फिसलन अधिक होने के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
ऐसे में बच्चों को बिना निगरानी के प्राकृतिक जलाशयों में नहाने नहीं जाने देना चाहिए और प्रशासन को भी संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

