अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैवाहिक रिश्तों में भरोसे, निजता और कानूनी सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक स्थानीय कारोबारी ने अपनी पत्नी के कथित विवाहेतर संबंधों (Extra Marital Affair) का पता लगाने के लिए घर के अंदर गुप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का दावा किया है। पति का कहना है कि रिकॉर्डिंग में ऐसी बातचीत दर्ज हुई, जिससे पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के बीच करीबी संबंध होने का संदेह मजबूत हुआ।
मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। स्थानीय कोर्ट ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को पूरे मामले की जांच कर 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
जिम से शुरू हुई दोस्ती, फिर बढ़ा संदेह
शिकायतकर्ता कारोबारी के अनुसार, उसकी पत्नी की मुलाकात एक व्यक्ति से जिम में हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य दोस्ती थी, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता कथित तौर पर काफी गहरा हो गया।
पति का आरोप है कि उसकी गैरमौजूदगी में वह व्यक्ति कई बार उनके घर आता था। इसके अलावा दोनों लगातार फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहते थे। इन्हीं परिस्थितियों के कारण उसे पत्नी पर शक होने लगा।
सबूत जुटाने के लिए लगाया ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम
शिकायत में कारोबारी ने दावा किया कि लगातार बढ़ते संदेह के बाद उसने अपने घर में गुप्त रूप से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगा दिया। उसका कहना है कि रिकॉर्डिंग में ऐसी बातचीत कैद हुई, जिससे दोनों के कथित संबंधों के संकेत मिले।
पति ने यह भी आरोप लगाया कि उसने बाद में दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी और एक अवसर पर दोनों को एक कार में साथ देखा।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच अभी जारी है।
कोर्ट पहुंचा मामला
पीड़ित का कहना है कि उसने पहले पुलिस और साइबर सेल से संपर्क किया, लेकिन उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
स्थानीय अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद साइबर क्राइम पुलिस को पूरे मामले की जांच करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब जांच एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों, रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच करेंगी।
बैंक लॉकर को लेकर भी विवाद
शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उसके और उसकी पत्नी के नाम पर एक संयुक्त बैंक लॉकर है, जिसमें कीमती सामान रखा गया है।
उसने आशंका जताई कि विवाद के दौरान इन संपत्तियों को नुकसान पहुंच सकता है। इस पर उसने दीवानी अदालत से लॉकर के संचालन पर रोक लगाने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने लॉकर को सील करने का आदेश दिया।
धमकी मिलने का भी लगाया आरोप
कारोबारी ने शिकायत में यह भी दावा किया कि बैंक लॉकर सील होने के बाद उसकी पत्नी के कथित प्रेमी ने उसे फोन कर ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपने और मामला खत्म करने का दबाव बनाया।
उसका आरोप है कि ऐसा न करने पर उसे एक करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद में झूठा फंसाने की धमकी दी गई।
इन आरोपों की भी जांच की जाएगी और अभी तक अदालत ने इन दावों पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह संबंधी विवादों में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
साइबर क्राइम पुलिस अब रिकॉर्डिंग, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

