लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र से एक बेहद ही संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नामी प्राइवेट स्कूल की नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल वैन के ही चालक द्वारा दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई है। कामकाजी माता-पिता को इस खौफनाक वारदात की भनक तब लगी जब मासूम की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई।
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा किए गए मेडिकल परीक्षण के बाद जब सच्चाई सामने आई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता की मां की तहरीर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तालकटोरा थाना पुलिस ने आरोपी वैन चालक को हिरासत में ले लिया है और उस पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।

रोजगार के चक्कर में वैन पर जताया भरोसा, वही बना हैवान
पीड़ित परिवार मूल रूप से तालकटोरा इलाके का रहने वाला है। मासूम बच्ची के माता और पिता दोनों ही अपनी आजीविका चलाने के लिए प्राइवेट नौकरी करते हैं। बच्ची की सुरक्षा और उसे समय पर स्कूल भेजने के लिए परिजनों ने राजाजीपुरम स्थित एक नामी प्राइवेट स्कूल की वैन लगवाई थी। इस वैन को उन्नाव का मूल निवासी गिरीश मिश्रा चलाता था। परिजनों ने लंबे समय से उस पर भरोसा कर रखा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस पर वे अपनी लाडली की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं, वही एक दरिंदा निकलेगा।
शुक्रवार को सहमी लौटी थी मासूम, शनिवार को खुली पोल
परिजनों के अनुसार, बीते शुक्रवार को जब बच्ची स्कूल से वापस घर लौटी, तो वह बेहद डरी और सहमी हुई थी। वह शांत बैठी थी और किसी से कुछ बात नहीं कर रही थी। कामकाजी होने के कारण उस वक्त माता-पिता को लगा कि शायद स्कूल में थकान या आम कमजोरी की वजह से बच्ची ऐसा व्यवहार कर रही है।
लेकिन शनिवार को अचानक बच्ची की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। मासूम को तेज बुखार के साथ पेट में असहनीय दर्द होने लगा। हालत गंभीर होते देख माता-पिता आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने बच्ची का गहन परीक्षण किया, तो उन्होंने परिजनों को जो बताया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। डॉक्टरों ने साफ किया कि बच्ची के साथ बर्बरता और दुष्कर्म (रेप) किया गया है।

सामने आते ही कांप उठी मासूम, बयां किया दर्द
मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद घबराए माता-पिता ने जब बच्ची से प्यार से पूछताछ की, तो वह गहरे सदमे और डर की वजह से कुछ भी नहीं बोल पा रही थी। इसके बाद पीड़िता की मां तुरंत तालकटोरा थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर गिरीश मिश्रा को दबोच लिया।
हैरान कर देने वाला और भावुक नजारा तब देखने को मिला जब पुलिस कार्रवाई के दौरान बच्ची का सामना आरोपी ड्राइवर से कराया गया। थाने में गिरीश मिश्रा को देखते ही 4 साल की मासूम बुरी तरह चीखकर रोने लगी और अपनी मां से लिपट गई। मां की गोद में खुद को सुरक्षित पाकर बच्ची ने रोते हुए टूटे-फूटे शब्दों में बताया कि “वैन वाले अंकल” (गिरीश) कई दिनों से उसके साथ गंदी हरकतें कर रहे थे और किसी को बताने पर डराते-धमकाते थे।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और जांच जारी
इस पूरे मामले पर तालकटोरा थाना इंस्पेक्टर कुलदीप ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी गिरीश मिश्रा के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
मासूम बच्ची को बेहतर इलाज और मेडिकल केयर के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की एक टीम उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। पुलिस प्रशासन इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से ले रहा है। स्कूल प्रशासन से भी जवाब-तलब किया जा रहा है और वैन में सफर करने वाले अन्य बच्चों व स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी ने किसी और बच्चे को निशाना तो नहीं बनाया था।
यह घटना एक बार फिर कामकाजी माता-पिता और स्कूल प्रशासनों के सामने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। प्राइवेट वैन चालकों का वेरिफिकेशन और स्कूलों द्वारा उन पर निगरानी रखना बेहद जरूरी है, ताकि मासूम बचपन को ऐसे दरिंदों से सुरक्षित रखा जा सके।

