नई दिल्ली:
भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। इस फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने हाल ही में अपनी तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह किरदार उनके अभिनय जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक रहा और इसके लिए उन्हें अपनी सोच, दिनचर्या और जीवनशैली में बड़े बदलाव करने पड़े।
रणबीर का कहना है कि किसी पौराणिक और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े पात्र को निभाना केवल अभिनय नहीं, बल्कि एक गहरी जिम्मेदारी भी है।
शारीरिक नहीं, मानसिक तैयारी थी सबसे बड़ी चुनौती
रणबीर कपूर ने बताया कि इस भूमिका के लिए केवल फिटनेस या लुक पर काम करना पर्याप्त नहीं था। उनके अनुसार सबसे कठिन काम भगवान राम के व्यक्तित्व, विचारों और जीवन-दर्शन को समझना था।
उन्होंने कहा कि शरीर को तैयार करना अपेक्षाकृत आसान होता है, लेकिन किसी ऐसे चरित्र की भावनाओं और मूल्यों को आत्मसात करना, जिसे करोड़ों लोग श्रद्धा से देखते हैं, कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है।
दो साल तक योग और ध्यान का अभ्यास
रणबीर ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका की तैयारी के लिए लगभग दो वर्षों तक नियमित योग और ध्यान किया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी लिया और भारतीय ग्रंथों का अध्ययन किया।
उन्होंने कहा कि तैयारी का उद्देश्य केवल संवाद बोलना या अभिनय करना नहीं था, बल्कि भगवान राम के आदर्शों और जीवन-दृष्टि को समझना था ताकि उनका अभिनय स्वाभाविक और सम्मानजनक लगे।
विद्वानों से भी लिया मार्गदर्शन
अभिनेता के अनुसार उन्होंने कई विद्वानों और विषय विशेषज्ञों से चर्चा की। उन्होंने अलग-अलग परंपराओं और रामायण के विभिन्न संस्करणों को समझने का प्रयास किया ताकि किरदार की गहराई को बेहतर ढंग से महसूस किया जा सके।
रणबीर का मानना है कि किसी ऐतिहासिक या पौराणिक पात्र को निभाने से पहले उसके सांस्कृतिक और दार्शनिक पक्ष को समझना बेहद जरूरी होता है।

‘रामायण’ क्यों है खास?
निर्देशक नितेश तिवारी की यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। बड़े पैमाने पर तैयार हो रही इस फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है।
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा कई चर्चित कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय महाकाव्य पर आधारित इतनी बड़े स्तर की प्रस्तुति तकनीक, विजुअल इफेक्ट्स और कहानी कहने के नए मानक स्थापित कर सकती है।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ी चर्चा
फिल्म की टीम हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहुंची, जहां इस परियोजना को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की योजना साझा की गई। इससे स्पष्ट है कि निर्माता इस फिल्म को केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं।
यह कदम भारतीय पौराणिक कथाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दर्शकों की उम्मीदें भी बड़ी
भगवान राम भारतीय संस्कृति और आस्था के सबसे महत्वपूर्ण पात्रों में से एक हैं। ऐसे में इस भूमिका को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से काफी अधिक हैं।
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस तरह के किरदार में अभिनय के साथ-साथ संवेदनशीलता और संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि रणबीर कपूर की तैयारी और उनके दृष्टिकोण पर भी लोगों की विशेष नजर बनी हुई है।
‘रामायण’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और महाकाव्य को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की एक महत्वाकांक्षी कोशिश है। रणबीर कपूर का कहना है कि भगवान राम का किरदार निभाने के लिए उन्हें वर्षों तक मानसिक, आध्यात्मिक और व्यक्तिगत स्तर पर तैयारी करनी पड़ी। अब दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी यह मेहनत बड़े पर्दे पर किस रूप में दिखाई देती है।

