उत्तर प्रदेश: में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली घटना बलिया जिले से सामने आई, जहां सरयू नदी के तेज कटान के कारण एक सरकारी प्राइमरी स्कूल महज कुछ सेकंड में नदी में समा गया।
मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं लखीमपुर खीरी और बहराइच में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
बलिया में 3 सेकंड में नदी में समा गया सरकारी स्कूल
बलिया जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव और कटान के चलते सोमवार सुबह लगभग 7 बजे एक सरकारी प्राइमरी स्कूल देखते ही देखते नदी में समा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरी इमारत महज तीन सेकंड में ढहकर नदी में बह गई।
बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले यानी रविवार को भी स्कूल का आधा हिस्सा नदी में गिर चुका था। इसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन नदी किनारे बसे गांवों पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है।
नहर का तटबंध टूटा, सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न
बलिया के दोहरीघाट क्षेत्र में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण नहर का तटबंध टूट गया। इसके चलते आसपास के खेतों में पानी भर गया और सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो पूरी फसल खराब हो सकती है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने और राहत व्यवस्था की तैयारी में जुटा है।
लखनऊ समेत कई शहरों में झमाझम बारिश
सोमवार को लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बहराइच, बिजनौर और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
कानपुर में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो हो गए, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं लखनऊ में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर के समय बारिश शुरू हुई। बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।
वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि शहर के कुछ हिस्सों में धूप भी देखने को मिली। सहारनपुर और गाजियाबाद में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी।

गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश का असर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और कुछ छोटे मंदिरों में भी पानी प्रवेश कर गया है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसूनी रेखा एक बार फिर उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय हो रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हुआ है।
इसी कारण पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
खराब मौसम का यातायात पर असर
बारिश और खराब मौसम का असर हवाई और सड़क यातायात पर भी देखने को मिला। खराब मौसम के कारण काठमांडू जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा।
वहीं रविवार को उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया था, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने समय रहते दुरुस्त कर यातायात सामान्य कराया।
लोगों के लिए प्रशासन की सलाह
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने तथा बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है।
उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बलिया में सरयू नदी के कटान से सरकारी स्कूल का ढह जाना इस बात का संकेत है कि नदी किनारे के इलाकों में खतरा लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की चेतावनी और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में प्रशासन की सलाह का पालन करना और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

