श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान के दौरान आतंकियों की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई जिले के तांत्रेपोरा-सुरसनू इलाके के बाग क्षेत्र में की गई, जहां खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी संभावित आतंकी वारदात में किया जा सकता था। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी साजिश विफल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियों ने किसी विशेष आतंकी संगठन का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ संयुक्त अभियान
सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि कुलगाम जिले के तांत्रेपोरा-सुरसनू क्षेत्र में स्थित बागों के बीच संदिग्ध सामग्री छिपाई गई है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल संयुक्त अभियान की योजना तैयार की।
ऑपरेशन में कुलगाम पुलिस, भारतीय सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स (34 RR) और CRPF की 18वीं बटालियन के जवान शामिल हुए। संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान शुरू किया।
घने बागों में घंटों चली तलाशी
बागों और घनी वनस्पति वाले क्षेत्र में छिपे हथियारों की तलाश आसान नहीं थी। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को कई हिस्सों में बांटकर एक-एक स्थान की गहन जांच की। कई घंटों तक चले अभियान के बाद जवानों को सफलता मिली और एक स्थान से भारी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने इन हथियारों को भविष्य में किसी आतंकी गतिविधि के लिए सुरक्षित स्थान पर छिपाकर रखा था।
क्या-क्या बरामद हुआ?
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- 2 पिस्तौल
- 2 राइफल
- 7 हैंड ग्रेनेड
- अन्य गोला-बारूद और संबंधित सामग्री
बरामद सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्री को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, जहां उनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी।

जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
अभियान पूरा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद हथियार किस आतंकी संगठन से जुड़े हैं, इन्हें वहां किसने पहुंचाया और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय नेटवर्क, संदिग्ध गतिविधियों और हाल के इनपुट्स का भी विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आए तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।
दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
इस बरामदगी के बाद दक्षिण कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा बल लगातार खुफिया सूचनाओं के आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बरामदगी आतंकियों की लॉजिस्टिक व्यवस्था पर सीधा असर डालती है। हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा जब्त होने से उनकी भविष्य की योजनाओं को झटका लग सकता है।
हालांकि, जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस बरामदगी का संबंध किसी विशिष्ट आतंकी मॉड्यूल या हाल की किसी योजना से है। एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
लगातार जारी हैं आतंकवाद विरोधी अभियान
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल समय-समय पर खुफिया सूचनाओं के आधार पर तलाशी और घेराबंदी अभियान चलाते रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य आतंकियों की गतिविधियों पर रोक लगाना, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क की पहचान करना है।
अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

