अहमदाबाद: गुजरात में मानसून ने इस बार भारी तबाही मचाई है। दक्षिण गुजरात के सूरत, वलसाड, नवसारी और सौराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि भारी जलभराव के कारण सड़क, बाजार और आवासीय कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं। राज्य सरकार के अनुसार, वर्षाजनित हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार को सूरत और वलसाड का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।
सूरत में बाढ़ जैसे हालात, सोसायटियां बनीं तालाब
लगातार बारिश के कारण सूरत के उधना, सरथाणा, लसकाणा समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। खाड़ी क्षेत्र होने के कारण आसपास का पानी भी इन इलाकों में जमा हो गया, जिससे कई आवासीय सोसायटियों में पहली मंजिल तक पानी पहुंच गया। स्थानीय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सूरत रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रसिद्ध मोबाइल मार्केट का भूमिगत हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
टेक्सटाइल और जरी उद्योग को करोड़ों का नुकसान
सूरत का टेक्सटाइल और जरी उद्योग भी इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई फैक्ट्रियों में पानी भर जाने से मशीनें और तैयार माल खराब हो गया। उद्योग जगत के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
डायमंड और कपड़ा बाजार में भी कारोबार लगभग ठप हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य नहीं हुए तो नुकसान और बढ़ सकता है।
दूध जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित
बारिश का असर आवश्यक सेवाओं पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में दूध की आपूर्ति बाधित रही। अमूल के वाहन जैसे ही प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे, बड़ी संख्या में लोग दूध खरीदने के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।

पुलिस, NDRF और SDRF राहत कार्य में जुटी
सूरत और वलसाड में जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। सूरत पुलिस ने अब तक 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी बुजुर्गों और बच्चों को कंधे पर उठाकर नाव तक पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन लगातार निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा हुआ है।
मुख्यमंत्री करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के हालात की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, वित्त एवं शहरी विकास मंत्री कनुभाई देसाई तथा जिला प्रशासन से राहत कार्यों की जानकारी ली।
सरकार के प्रवक्ता जीतूभाई वाघाणी ने बताया कि मुख्यमंत्री गुरुवार को स्वयं सूरत और वलसाड पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही जिला प्रभारी मंत्रियों को भी राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
11 लोगों की मौत, सरकार ने जताया शोक
लगातार बारिश और उससे जुड़े हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य मंत्रिमंडल ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
सरकार ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सूरत, वलसाड और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
बचाव दल लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

