गुजरात की ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के 149वें आयोजन को लेकर अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। इस वर्ष प्रशासन ने पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग करने का फैसला किया है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रथयात्रा से पहले गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर नेत्रोत्सव में भाग लिया, महाआरती की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने लगभग 16 किलोमीटर लंबे रथयात्रा मार्ग का पैदल निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए।
AI, ड्रोन और फेस रिकग्निशन से होगी पल-पल की निगरानी
इस बार रथयात्रा की सुरक्षा पूरी तरह हाईटेक सिस्टम से लैस होगी। प्रशासन के अनुसार पूरे मार्ग पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके साथ 100 से अधिक ड्रोन लगातार हवाई निगरानी करेंगे।
इसके अलावा एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे, एआई वॉयस बॉट, बॉडी वॉर्न कैमरे, 3डी मैपिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और रियल टाइम कंट्रोल सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। सभी सूचनाएं सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
30 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
रथयात्रा की सुरक्षा के लिए इस बार लगभग 30 हजार पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए जाएंगे। इनमें 130 से अधिक आईपीएस अधिकारी भी शामिल होंगे।
सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों की विशेष पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई है। पूरे रूट पर लगातार पेट्रोलिंग, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय रहेंगे।
हाथियों पर भी पहली बार हाईटेक निगरानी
रथयात्रा में शामिल 18 हाथियों की सुरक्षा और व्यवहार पर भी इस बार विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले वर्ष तेज आवाज के कारण कुछ हाथियों के असामान्य व्यवहार को देखते हुए प्रशासन ने नई तकनीक अपनाई है।
हाथियों पर डेसिबल मीटर और जायरोस्कोप सिस्टम लगाए जाएंगे, जो उनके व्यवहार, चाल और गतिविधियों की लगातार निगरानी करेंगे। यदि किसी हाथी के व्यवहार में अचानक बदलाव होता है तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी।
प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान डीजे और अत्यधिक तेज ध्वनि वाले उपकरणों पर भी प्रतिबंध लगाया है।
नेत्रोत्सव में शामिल हुए हर्ष संघवी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भगवान जगन्नाथ मंदिर में आयोजित नेत्रोत्सव में भाग लेकर महाआरती की तथा मंदिर पर ध्वजारोहण भी किया। उन्होंने रथयात्रा को गुजरात की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल वैदिक परंपरा के अनुसार ‘पाहिंद विधि’ के तहत सोने की झाड़ू से मंदिर परिसर की सफाई कर रथयात्रा का शुभारंभ करेंगे।
सांप्रदायिक सौहार्द की दिखी मिसाल
रथयात्रा की तैयारियों के दौरान सामाजिक सौहार्द का भी सकारात्मक संदेश देखने को मिला। शाहपुर क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तिरंगा लेकर उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इससे पहले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भगवान जगन्नाथ मंदिर के महंत को चांदी का रथ भेंट कर आपसी भाईचारे और सद्भाव की परंपरा को आगे बढ़ाया।
ऑपरेशन ‘रेम्बो’ में कई अपराधी गिरफ्तार
रथयात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियां राज्यभर में विशेष अभियान भी चला रही हैं। सूरत पुलिस ने ‘ऑपरेशन रेम्बो’ के तहत लगभग 70 आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को हिरासत में लिया। इनमें कई हिस्ट्रीशीटर भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने उनके पास से बड़ी संख्या में विदेशी निर्मित चाकू और अन्य प्रतिबंधित हथियार बरामद किए हैं।
आतंकी नेटवर्क की भी जांच जारी
हाल ही में आतंकवाद से जुड़े मामले में हुई गिरफ्तारियों के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) भी पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल किसी नई गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

