राजकोट। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में करीब 13 महीने की राहत के बाद एक बार फिर कोरोना वायरस का मामला सामने आया है। मोरबी जिले के वांकानेर शहर के हनुमान शेरी इलाके में रहने वाली एक महिला कोविड-19 संक्रमित पाई गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर क्वारंटाइन लागू किया गया है और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का अभियान तेज कर दिया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सौराष्ट्र में इससे पहले जून 2025 में कोरोना का अंतिम मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद पहली बार किसी व्यक्ति के संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य व्यवस्था को फिर सक्रिय कर दिया गया है।
खेड़ा यात्रा के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार संक्रमित महिला हाल ही में गुजरात के खेड़ा जिले की यात्रा करके अपने घर वांकानेर लौटी थीं। घर लौटने के कुछ समय बाद उन्हें बुखार, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं।
परिजनों ने उन्हें स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने कोविड-19 के संभावित लक्षणों को देखते हुए जांच कराने की सलाह दी। जांच रिपोर्ट आने पर महिला कोरोना संक्रमित पाई गई।
रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर दी।
हनुमान शेरी क्षेत्र को किया गया क्वारंटाइन
संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके में तेजी से कार्रवाई करते हुए हनुमान शेरी क्षेत्र को अस्थायी रूप से क्वारंटाइन कर दिया। इलाके में बैरिकेडिंग की गई है और लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।
नगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने क्षेत्र में सैनिटाइजेशन अभियान भी शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
महिला की हालत स्थिर, राजकोट किया गया रेफर
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संक्रमित महिला की हालत फिलहाल स्थिर है। बेहतर निगरानी और उपचार के लिए उन्हें राजकोट सिविल अस्पताल के विशेष कोविड वार्ड में स्थानांतरित किया जा रहा है।
राजकोट अस्पताल प्रशासन ने भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, आवश्यक दवाइयों और कोविड उपचार से जुड़ी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।

संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू
स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि संक्रमित महिला किन-किन लोगों के संपर्क में आई थीं। इसके लिए व्यापक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया जा रहा है।
महिला के हालिया यात्रा इतिहास को देखते हुए खेड़ा जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है। वहां भी उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर जांच की जा रही है ताकि संक्रमण की संभावित श्रृंखला को समय रहते रोका जा सके।
गांधीनगर मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट
वांकानेर स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जानकारी राज्य मुख्यालय गांधीनगर को भेज दी है। राज्य स्तर पर भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण आगे न फैले।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य कोविड जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता, हाथों की सफाई, खांसते-छींकते समय सावधानी और जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।
क्या फिर बढ़ सकता है संक्रमण?
एक अकेला मामला मिलने का अर्थ यह नहीं है कि व्यापक संक्रमण फैल चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सतर्क रहने का संकेत मान रहे हैं।
यदि समय रहते संक्रमित व्यक्ति के संपर्कों की पहचान कर उचित कदम उठाए जाते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और जांच पर जोर दे रहा है।

